भारत में ड्रग्स के खिलाफ चल रही सख्त मुहिम पर अब बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं, वजह है अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स सिंडिकेट से जुड़े कुख्यात आरोपी जसविंदर उर्फ जैज़ की संभावित रिहाई. बताया जा रहा है कि उसे UAE पुलिस ने 23 मार्च, 2026 को इंटरपोल अलर्ट के आधार पर गिरफ्तार किया था, लेकिन अब कुछ ही दिनों में उसके बाहर आने की संभावना जताई जा रही है.
सूत्रों के मुताबिक, अगर गिरफ्तारी के बाद तय समय सीमा के भीतर संबंधित देश की जांच एजेंसियां आरोपी के खिलाफ जरूरी दस्तावेज, केस रिकॉर्ड और सबूत पेश नहीं करती, तो स्थानीय अदालत राहत दे सकती है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि इतने बड़े ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े आरोपी के मामले में भारतीय एजेंसियां धीमी क्यों पड़ गई?
उल्लेखनीय है कि जसविंदर उर्फ जैज़ भारतीय मूल का ब्रिटिश नागरिक है, जो लंबे समय से दुबई में रहकर ड्रग्स तस्करी के नेटवर्क को ऑपरेट कर रहा था. उसका संबंध बिरमिंघम से बताया जाता है. जांच एजेंसियों के रिकॉर्ड में उसका नाम कई बड़े मामलों में सामने आया है. बताया जाता है कि ग्रेटर नोएडा में पकड़ी गई ड्रग्स लैब और जालंधर में सिंथेटिक ड्रग्स यूनिट से भी उसका नाम जुड़ा था. उसकी जड़ें पंजाब से भी जुड़ी बताई जाती है.
स्रोत: ABP Hindi