सुप्रीम कोर्ट ने हेट स्पीच को लेकर दायर याचिकाओं पर कोई दिशानिर्देश जारी करने से इनकार कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि कानून में पहले से व्यवस्था है कि संसद अगर चाहे तो और कानून बना सकती है. ये याचिकाएं धर्म संसद और टीवी पर दिखाए गए भड़काऊ कार्यक्रमों समेत कई मामलों को लेकर दाखिल की गई थीं, लेकिन कोर्ट ने उन पर कोई आदेश देने से मना कर दिया.
कोर्ट ने कहा, हमारा निष्कर्ष है कि-
अपराध की परिभाषा तय करना और कानून बनाना विधायिका का काम है.
अभी भी प्रभावी कानून मौजूद हैं.
संज्ञेय अपराध पर एफआईआर करना पुलिस का काम है.
अगर एफआईआर दर्ज न हुई हो तो एसपी या मजिस्ट्रेट के पास जाया जा सकता है
जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने कहा, 'हालांकि, हम कोई निर्देश नहीं दे रहे, लेकिन हम मानते हैं कि इस तरह के मामले सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करते हैं. अगर संसद उचित समझे तो इस पर और कानून बना सकती है. सभी याचिकाओं को इन निर्देशों के साथ खारिज किया जा रहा है.'
स्रोत: ABP Hindi