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मणिपुर में कुकी और नगा समुदायों के बीच तनाव बढ़ने के बाद 38 लोग बंधक

मणिपुर के गृह मंत्री गोविंदास कोंथौजम ने गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि राज्य में विभिन्न समूहों ने नगा और कुकी समुदायों से जुड़े "38 से अधिक ग्रामीणों" को बंधक बनाया है. दरअसल बुधवार को कांगपोकपी ज़िले के कोटज़िम और कोटलेन गांव के बीच घात लगाकर किए गए हमले में तीन चर्च नेताओं की हत्या के बाद से कुकी और नगा समुदायों के बीच तनाव बढ़ गया है. गृह मंत्री गोविंदास ने गुरुवार को इंफाल स्थित जवाहरलाल नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के शवगृह के बाहर हमले में मारे गए पीड़ित परिवार के सदस्यों से मुलाक़ात की इस बीच उन्होंने मीडिया से बात करते हुए दावा किया, "जिन लोगों ने भी यह हमला किया है, उनको जल्द ही गिरफ़्तार कर लिया जाएगा. हमने केंद्रीय गृह मंत्रालय को इस बारे में अवगत करा दिया है और बंधक बनाए गए लोगों की रिहाई सुनिश्चित करने के प्रयास जारी हैं." गृह मंत्री ने आगे बताया, "राज्य में विभिन्न समूहों ने नगा और कुकी समुदायों से संबंधित 38 से अधिक लोगों को बंधक बनाकर रखा गया है. हम उनकी रिहाई सुनिश्चित करने के लिए नागरिक समाज समूहों और राजनीतिक नेताओं के साथ सक्रिय रूप से बातचीत कर रहे हैं." चर्च नेताओं की हत्या के बाद कुकी संगठनों ने सशस्त्र नगा समूहों पर इसमें शामिल होने का आरोप लगाया था. इस हमले के बाद कुकी संगठनों के आह्वान पर बुधवार दोपहर से चुराचांदपुर और कांगपोकपी में बेमियादी बंद चल रहा है. चर्च नेताओं की हत्या के बाद बुधवार शाम नोनी ज़िले में हिंसा की एक और घटना में एक आम नागरिक की गोली मारकर हत्या कर दी गई, जबकि उनकी पत्नी घायल हुई है. इन हमलों की घटनाओं को लेकर कांग्रेस सांसद ए बिमोल अकोइजाम ने सरकार पर मणिपुर के लोगों के जान-माल की रक्षा करने में नाकाम रहने का आरोप लगाया है. उन्होंने एक बयान जारी कर कहा, "सरकार को बिना किसी रोक-टोक के काम कर रहे इन हथियारबंद गुटों के ख़िलाफ़ तुरंत सख्त कार्रवाई करनी चाहिए." ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची का कहना है कि उन्होंने ब्रिक्स में अपने भाषण में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) का ज़िक्र नहीं किया. अराग़ची ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए दिल्ली पहुंचे हैं. ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में अपना भाषण देने के कुछ समय बाद उन्होंने अपने टेलीग्राम चैनल पर यूएई को ईरान पर हमला करने में अमेरिका और इसराइल का "सक्रिय सहयोगी" बताया. उन्होंने कहा कि ईरान के खिलाफ युद्ध में अमेरिका और इसराइल के साथ यूएई सीधे तौर पर "शामिल" था. बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक, अराग़ची ने कहा, "मैंने एकजुटता के लिए अपने भाषण में संयुक्त अरब अमीरात का नाम नहीं लिया और मैंने यही बेहतर समझा. लेकिन वास्तव में मुझे कहना होगा कि यूएई मेरे देश के खिलाफ आक्रामकता में सीधे तौर पर शामिल था." "जब यह हमला शुरू हुआ तो उन्होंने इसकी निंदा तक नहीं की. उन्होंने हमले के लिए अपने क्षेत्र का इस्तेमाल करने की अनुमति दी." ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने मलेशिया के विदेश मंत्री मोहम्मद हसन से अलग से मुलाकात की. दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय सहयोग और द्विपक्षीय समझौतों पर चर्चा की. पश्चिम बंगाल के सभी स्कूलों में प्रार्थना सभा के दौरान 'वंदे मातरम' गाना अनिवार्य कर दिया गया है. राज्य में स्कूली शिक्षा विभाग के अधीन आने वाले स्कूलों के लिए यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, ''पिछले सभी आदेशों और परंपराओं को रद्द करते हुए, पश्चिम बंगाल सरकार ने यह अनिवार्य कर दिया है कि पूरे राज्य में कक्षाओं के शुरू होने से पहले स्कूल असेंबली के दौरान होने वाली प्रार्थना में भारत का राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' गाया जाए." "यह आदेश स्कूली शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले सभी स्कूलों पर तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है.'' पेट्रोल और डीज़ल की बचत के लिए दिल्ली सरकार ने राज्य में सरकारी और निजी संस्थानों के लिए हफ़्ते में दो दिन वर्क फ़्रॉम होम लागू करने जा रही है. दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा है कि इसके लिए दिल्ली सरकार ने कुछ योजनाएं बनाई हैं. डीज़ल और प्रेट्रोल बचाने के लिए दिल्ली सरकार एक जन अभियान ‘मेरा भारत मेरा योगदान चलाएगी.’ रेखा गुप्ता ने बताया, “इसके लिए दिल्ली सरकार में हर हफ़्ते दो दिन वर्क फ़्रॉम होम रहेगा और इसी तरह प्राइवेट सेक्टर में भी हर एक कंपनी और संस्थान को कहा जाएगा कि दो दिन के लिए वर्क फ़्रॉम होम करें. यह सलाह होगी और श्रम विभाग इसकी निगरानी करेगा.” रेखा गुप्ता का कहना है कि बड़ी कंपनी में इसे लागू करने के लिए वे ख़ुद दिल्ली सरकार के अन्य मंत्रियों और अधिकारियों के साथ मिलकर इसका आग्रह करेंगे. इसके साथ ही मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विश्वविद्यालयों से भी कहा है कि जिन मामलों में संभव हो काम के लिए ऑनलाइन मोड का सहारा लें. रेखा गुप्ता ने अदालतों से अधिकतम सुनवाई ऑनलाइन मोड से करने का आग्रह किया है. इसके अलावा दिल्ली सरकार ने अगले एक साल के लिए अपने अधिकारियों और मंत्रियों की विदेश यात्रा पर रोक लगा दी है. पीएम मोदी के तेल-सोने वाले बयान पर उद्योगपति क्यों बोले- 'बेहद ख़राब हालात के लिए रहें तैयार' श्रीलंका में होने वाले तीन देशों की सिरीज़ के लिए इंडिया ए टीम का एलान कर दिया गया है. इसके लिए तूफ़ानी बल्लेबाज़ वैभव सूर्यवंशी को टीम में शामिल किया गया है. बीसीसीआई ने सोशल मीडिया एक्स पर श्रीलंका जाने वाली इंडिया ए टीम के बारे में जानकारी दी है. इस सिरीज में भारत ए, श्रीलंका ए और अफ़गानिस्तान ए की टीमें हिस्सा ले रही हैं. सिरीज़ का पहला मैच 9 जून को भारत और श्रीलंका की ए टीमों के बीच खेला जाएगा. जबकि इसका फ़ाइनल मुक़ाबला 21 जून को होगा. सिरीज़ के लिए भारतीय ए टीम में शामिल खिलाड़ी हैं- बुधवार को ओमान के तट के पास भारतीय झंडे वाले एक जहाज़ पर हुए हमले को लेकर भारत के विदेश मंत्रालय ने कड़ी आपत्ति जताई है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक लिखित बयान में कहा, “कल ओमान के तट के पास भारतीय झंडे वाले एक जहाज़ पर हुआ हमला अस्वीकार्य है. हमें इस बात का खेद है कि कमर्शियल जहाज़ों और आम नाविकों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है.” बयान में बताया गया, “जहाज़ पर मौजूद सभी भारतीय क्रू सदस्य सुरक्षित हैं, और हम उन्हें बचाने के लिए ओमान के अधिकारियों का धन्यवाद करते हैं.” उन्होंने कहा, “भारत दोहराता है कि कमर्शियल जहाज़ों को निशाना बनाने, चालक दल के बेक़सूर सदस्यों की जान ख़तरे में डालने, या किसी भी तरह से जहाज़ों के आने-जाने और स्वतंत्र व्यापार में रुकावट डालने से बचना चाहिए.” इस बीच पोर्ट्स, शिपिंग और जलमार्ग मंत्रालय के एडिशनल सेक्रेटरी मुकेश मंगल ने 13 मई को भारतीय जहाज़ पर हुए हमले के बारे में विस्तार से जानकारी दी है. उन्होंने कहा, "मैं एक दुखद घटना के बारे में भी जानकारी देना चाहूँगा. लकड़ी से बने और मशीन से चलने वाला एक भारतीय जहाज़ 'हाजी अली' सोमालिया से शारजाह (संयुक्त अरब अमीरात) की अपनी यात्रा पर था.” “इसी दौरान 13 मई, 2026 की सुबह ओमान के जलक्षेत्र में कथित तौर पर उसपर हमला किया गया, जिसके कारण उसमें आग लग गई और बाद में वह डूब गई. उस पर सवार सभी 14 क्रू सदस्यों को ओमान कोस्ट गार्ड ने सुरक्षित बचा लिया और वे ओमान के दिब्बा बंदरगाह पहुँच गए हैं. बताया जा रहा है कि क्रू सदस्य सुरक्षित हैं." उत्तर प्रदेश के कई ज़िलों में बुधवार को आए तेज आंधी-तूफान और बारिश से ख़बर लिखे जाने तक 104 लोगों की मौत होने की पुष्टि हो चुकी है. तेज आंधी और बारिश के कारण पूर्वांचल के अलग-अलग ज़िलों में दीवार गिरने, पेड़ उखड़ने और कच्चे मकान ढहने की घटनाएं सामने आई हैं. प्रशासन के अनुसार सबसे ज़्यादा मौतें वाराणसी, प्रयागराज और कानपुर मंडल में हुई हैं. प्रयागराज और कानपुर मंडल के कुछ ज़िलों में बिजली के तार टूटने और खंभे गिरने के कारण कई घंटे तक बिजली सप्लाई बंद रही. ग्रामीण इलाक़ों में फसलों को भी नुक़सान होने की ख़बर है. मौसम विभाग ने बताया है कि पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसम प्रणाली के असर से प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश और तूफ़ानी हवाएं चलीं. विभाग ने अगले 24 घंटों तक कुछ ज़िलों में ख़राब मौसम बने रहने की चेतावनी जारी की है. उत्तर प्रदेश सरकार के आपदा विभाग के स्पेशल ड्यूटी अधिकारी मनोज कुमार ने बीबीसी हिंदी को बताया, "अभी तक आंधी से 104 लोगों की मौत की सूचना मिली है. जबकि 52 लोग घायल हुए हैं. लगभग 130 पशुओं की मौत हुई है और 98 घर गिरे हैं. प्रयागराज में 21, मिर्ज़ापुर में 19, फ़तेहपुर में 11 और कानपुर देहात में 2 मौत हुई है." राज्य सरकार ने प्रभावित ज़िलों के अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं. बिजली विभाग की टीमें टूटे तारों और खंभों को दुरुस्त करने में लगी हैं, जबकि कई ज़िलों में सड़क पर गिरे पेड़ों को हटाने का काम जारी है. मनोज कुमार ने बीबीसी हिंदी को बताया, "अभी तक सचेत ऐप के माध्यम से रेड और ऑरेंज अलर्ट के लगभग 34 करोड़ मैसेज भेजे गए हैं." मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि ख़राब मौसम के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें. प्रशासन ने भी लोगों को सतर्क रहने और ज़रूरत पड़ने पर स्थानीय हेल्पलाइन से संपर्क करने की सलाह दी है. चुनाव आयोग ने एसआईआर के तीसरे चरण में 16 राज्यों में और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर के निर्देश दिए हैं. इलेक्शन कमीशन ऑफ़ इंडिया (ईसीआई) ने एक प्रेस नोट जारी कर इसकी जानकारी दी है. आयोग ने कहा है, “इस फ़ेज में 3.94 लाख बूथ लेवल ऑफ़िसर (बीएलओ) 36.73 करोड़ वोटरों के घर जाएँगे. उनकी मदद के लिए राजनीतिक दलों के 3.42 लाख बूथ लेवल एजेंट भी तैनात किए जाएंगे.” ईसीआई ने हर राजनीतिक दल से आग्रह किया है कि वह प्रत्येक पोलिंग बूथ के लिए अपने एजेंट नियुक्त करे. तीसरे चरण में जिन राज्यों में एसआईआर की प्रक्रिया होगी, उनमें- ओडिशा, मिजोरम, सिक्कीम, मणिपुर, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, तेलंगाना, पंजाब, कर्नाटक, मेघालय, महाराष्ट्र, झारखंड, नगालैंड और त्रिपुरा शामिल हैं. इनके अलावा और केंद्र शासित प्रदेशों दमन-दीव, दादरा एवं नगर हवेली, दिल्ली और चंडीगढ़ में भी एसआईआर की प्रक्रिया शुरू होगी. तीसरे फ़ेज की एसआईआर प्रक्रिया अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग समय पर शुरू होगी. इसकी शुरुआत 20 मई को और 23 दिसंबर 2026 को ख़त्म होगी. पश्चिम बंगाल में बीजेपी की बंपर जीत में क्या एसआईआर का रोल है, आंकड़ों से समझिए ममता बनर्जी ने कुछ दिनों पहले सुप्रीम कोर्ट में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर बहस की था. उस वक़्त वह पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री थीं. ममता बनर्जी गुरुवार को फिर से कलकत्ता हाई कोर्ट में दिखीं. तृणमूल कांग्रेस ने एक्स पर एक बयान जारी कर बताया, "टीएमसी अध्यक्ष ममता बनर्जी, आज पश्चिम बंगाल में बीजेपी की तरफ से चुनाव बाद फैलाई गई व्यापक हिंसा से जुड़े मामले में दलील रखने के लिए खुद कलकत्ता हाई कोर्ट पहुंचीं." टीएमसी ने दावा किया, "उन्होंने एक बार फिर दिखा दिया कि उन्हें सबसे अलग क्या बनाता है. वह बंगाल के लोगों को मुश्किल समय में कभी नहीं छोड़तीं. वह सच, न्याय और संवैधानिक मूल्यों के लिए लड़ना कभी बंद नहीं करतीं." कोलकाता के अंग्रेज़ी अख़बार द टेलीग्राफ़ के अनुसार, वह वरिष्ठ तृणमूल कांग्रेस के नेताओं चंद्रिमा भट्टाचार्य और कल्याण बनर्जी के साथ हाई कोर्ट पहुंचीं. तृणमूल कांग्रेस की तरफ़ से वकील एस बंदोपाध्याय ने याचिका दायर कर कहा था कि चुनाव के बाद कई पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को कथित तौर पर अपने घर छोड़कर भागने के लिए मजबूर होना पड़ा. साथ ही कई लोगों पर "तृणमूल कांग्रेस से जुड़े होने" की वजह से हमला किया गया. यह याचिका 12 मई को कलकत्ता हाई कोर्ट में दायर की गई थी. दरअसल चुनाव बाद कई इलाक़ों में कथित तौर पर तृणमूल कार्यालयों में तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आई हैं. बीजेपी नेताओं ने दावा किया कि इन घटनाओं में शामिल कई लोग दरअसल चुनाव नतीजों के बाद बीजेपी समर्थक बनकर सामने आए तृणमूल कार्यकर्ता थे. राज्य बीजेपी अध्यक्ष शमीक भट्टाचार्य, नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी और दूसरे पार्टी नेताओं ने कई बार आरोप लगाया कि हमलों के पीछे बीजेपी समर्थक बने तृणमूल कार्यकर्ता थे. अब तक बीबीसी संवाददाता संदीप राय आप तक इस लाइव पेज के ज़रिये ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब बीबीसी संवाददाता चंदन कुमार जजवाड़े रात दस बजे तक आप तक ख़बरें पहुंचाएंगे. बीबीसी हिन्दी की वेबसाइट पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को आप उनके साथ दिए गए लिंक पर क्लिक कर विस्तार से पढ़ सकते हैं. कर्नाटक में स्कूलों और कॉलेजों में हिजाब, जनेऊ पहनने की अनुमति पर कैसी है चर्चा ब्रिक्स: क्या ईरान और इसराइल के बीच फंस गया है भारत? भोपाल में जय श्रीराम के नारों के बीच मुस्लिम युवक की पिटाई, दो गिरफ़्तार रूस बोला, 'भारत तेल की चिंता बिल्कुल ना करे', क्या रूस से तेल ख़रीदना जारी रख पाएगा भारत? नई दिल्ली में ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संगठन के ढांचे के भीतर सहयोग को मज़बूत करने पर ज़ोर दिया. ये बैठक ऐसे समय हो रही है, जब मध्य पूर्व में संघर्ष चल रहा है और इस साल के अंत में ब्रिक्स नेताओं का शिखर सम्मेलन होने वाला है. रूस, ईरान, ब्राज़ील और ब्रिक्स के अन्य सदस्य देशों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी वाली इस बैठक का उद्घाटन करते हुए भारतीय विदेश मंत्री ने कहा कि दुनिया इस समय बड़े 'भू-राजनीतिक और आर्थिक अनिश्चितता' के दौर से गुजर रही है. एस जयशंकर ने कहा, "हम ऐसे समय में मिल रहे हैं, जब अंतरराष्ट्रीय संबंधों में बड़ा बदलाव देखा जा रहा है. संघर्ष, आर्थिक अनिश्चितताएं और व्यापार, तकनीक और जलवायु से जुड़ी चुनौतियां वैश्विक स्थिति को प्रभावित कर रही हैं. उभरती अर्थव्यवस्थाओं और विकासशील देशों में यह उम्मीद बढ़ रही है कि ब्रिक्स रचनात्मक और स्थिरता देने वाली भूमिका निभाएगा." उन्होंने कहा, "विकास से जुड़े मुद्दे अब भी केंद्र में हैं. कई देश ऊर्जा, खाद्य, उर्वरक और स्वास्थ्य सुरक्षा जैसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं. ब्रिक्स इन चुनौतियों से बेहतर तरीके से निपटने में उनकी मदद कर सकता है." मध्य पूर्व में ईरान के साथ अमेरिका और इसराइल की जंग के संदर्भ में उन्होंने कहा, "शांति और सुरक्षा से जुड़े मुद्दे वैश्विक व्यवस्था के केंद्र में बने हुए हैं. हालिया संघर्षों ने संवाद और कूटनीति की अहमियत को और स्पष्ट किया है." एस जयशंकर ने कहा कि ब्रिक्स की 80 से अधिक बैठकें सफल रही हैं. केरल के नए मुख्यमंत्री के पद के लिए प्रदेश कांग्रेस आला कमान ने वीडी सतीसन के नाम पर मुहर लगा दी है. कांग्रेस प्रवक्ता ने एक प्रेस कांफ़्रेंस में बताया, "कांग्रेस विधायक दल की सात मई को तिरुअनंतपुरम में बैठक हुई थी जिसमें सर्वसम्मति से कांग्रेस विधायक दल के नेता चुनने की ज़िम्मेदारी कांग्रेस अध्यक्ष को दे दी गई थी." प्रवक्ता ने आगे कहा, "कांग्रेस अध्यक्ष ने कांग्रेस पार्टी के संसदीय चेयरपर्सन, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष, एआईसीसी ऑब्ज़र्वर्स और राज्य के अन्य शीर्ष नेताओं और सांसदों के साथ गहन विचार विमर्श किया." "इस बातचीत के आधार पर तय किया गया कि वीडी सतीसन को कांग्रेस विधायक दल का नेता चुना जाएगा." इस फ़ैसले के बाद केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सनी जोसेफ़ ने कहा, "यह बहुत बढ़िया फ़ैसला है." एआईसीसी के प्रदेश ऑब्ज़र्वर अजय माकन ने कहा, "सभी से बात करने और व्यापक चर्चा करने के बाद ही यह निर्णय लिया गया." ग़ौतलब है कि केरल विधानसभा में वीडी सतीसन विपक्ष के नेता भी रहे थे. कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने कहा, "अंतिम निर्णय आ गया है और कांग्रेस हाई कमान ने केरल सरकार के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में वीडी सतीसन को चुना है." "मैं इस निर्णय का तहे दिल से स्वागत करता हूं। मैं वीडी सतीसन को इस पद के लिए बधाई देता हूं. मुझे लगता है कि केरल की जनता ने यूडीएफ] को एक बड़ा समर्थन दिया है. वीडी सतीसन के नेतृत्व वाली सरकार केरल की जनता की आकांक्षाओं और वादों को पूरा कर सकती है. निश्चित रूप से, हम केरल सरकार के साथ पूरी तरह से खड़े हैं." नाम घोषित होने से पहले मीडिया में कयास लगाए जा रहे थे कि मुख्यमंत्री के दावेदारों में केसी वेणुगोपाल का नाम भी प्रमुख था. इमेज स्रोत, POOL / AFP via Getty Images अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक जवाब ने उनकी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ हुई बातचीत को लेकर अटकलें पैदा कर दीं. पहले खबर आई थी कि 'टेंपल ऑफ़ हेवन' में फ़ोटो खिंचवाने के दौरान बातचीत को लेकर पूछे गए सवाल पर डोनाल्ड ट्रंप ने पत्रकार से 'वेट' कहा था. हालांकि अब अमेरिकी प्रेस पूल ने इसमें सुधार जारी किया है. उसके मुताबिक़ ट्रंप ने 'वेट' नहीं बल्कि 'ग्रेट' कहा था. ट्रंप ने शी जिनपिंग से कहा, "बेहतरीन जगह, अविश्वसनीय. चीन खूबसूरत है." दोनों नेता 'टेंपल ऑफ़ हेवन' के प्रतिष्ठित मुख्य भवन के सामने फोटो खिंचवा रहे थे. यह विशाल प्राचीन चीनी परिसर वह जगह है जहां मिंग और चिंग राजवंश के सम्राट बलि चढ़ाते थे और अच्छी फसल के लिए प्रार्थना करते थे. ट्रंप के साथ यात्रा कर रहे प्रेस पूल के पत्रकारों ने दो बार पूछा कि क्या दोनों नेताओं के बीच ताइवान पर चर्चा हुई, लेकिन दोनों में से किसी ने भी मंदिर की ओर बढ़ने से पहले कोई जवाब नहीं दिया. वहीं जब एक पत्रकार ने पूछा कि बातचीत कैसी रही, तो ट्रंप ने जवाब दिया, 'ग्रेट.' बुधवार को आए तेज़ तूफ़ान, बारिश और ओलावृष्टि के चलते उत्तर प्रदेश में जानमाल का भारी नुकसान हुआ है. राज्य आपदा प्रबंधन और राहत कार्यालय के मुताबिक़ इस आपदा में 89 लोगों की मौत हो गई. रिपोर्ट के मुताबिक़ तूफ़ान, बारिश, ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली की घटनाओं में 53 लोग घायल भी हुए हैं. इसके अलावा 87 मकानों को नुकसान पहुंचा है और 114 मवेशियों की भी मौत हुई है. टीवी तस्वीरों में तेज़ हवाओं से पेड़ और होर्डिंग उखड़ते दिखाई दिए. कुछ पेड़ और बोर्ड कारों पर गिर गए, जबकि धूल और मलबे के गुबार ने सड़क किनारे दुकानों का लकड़ी के दुकानों को भारी नुकसान पहुंचा. रॉयटर्स के मुताबिक़, राज्य राहत विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि कई लोगों की मौत पेड़ गिरने और मकानों की दीवार ढहने की वजह से हुई. उत्तर प्रदेश के रिलीफ़ कमिश्नर के एक्स अकाउंट से जारी एक बयान में कहा गया है, "13 मई को खराब मौसम के कारण आंधी-तूफान, बारिश, ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली से प्रदेश में 89 जनहानि, 53 घायल, 114 पशुहानि तथा तथा 87 मकान क्षति की सूचना प्राप्त हुई है, जिसका संज्ञान मा. मुख्यमंत्री जी द्वारा लिया गया है." इस बयान में कहा गया है कि मुख्यमंत्री ने सभी मण्डलायुक्तों और ज़िलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि 24 घंटे के अंदर प्रभावित परिवारों को सहायता धनराशि वितरित करते हुए मदद दी जाए. सपा नेता और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक्स पर सरकार से राहत और बचाव कार्य को युद्धस्तर पर किए जाने की अपील की है. उन्होंने लिखा, "सरकार तुरंत राहत-बचाव का कार्य युद्ध स्तर पर करे, ⁠घायलों के अच्छे-से-अच्छे मुफ़्त इलाज की तुरंत व्यवस्था हो, ⁠खाना-पानी शीघ्रातिशीघ्र उपलब्ध कराया जाए, ⁠रहने-की अस्थायी व्यवस्था कराई जाए, ⁠मृतकों का ससम्मान अंतिम संस्कार हो." ⁠ इसके साथ ही उन्होंने कहा कि 'जानमाल, फसल व वाहन आदि के नुक़सान का आंकलन करके बीमा राशि सुनिश्चित की जाए व मुआवज़े की घोषणा की जाए.' दिल्ली पुलिस ने नांगलोई इलाके में एक प्राइवेट स्लीपर बस के अंदर महिला से गैंगरेप के आरोप में दो लोगों को गिरफ़्तार किया है. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, पुलिस अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी. बताया जा रहा है कि यह घटना 12 मई को हुई थी. गिरफ़्तार किए गए लोगों की पहचान बस के ड्राइवर और कंडक्टर के रूप में हुई है. महिला की शिकायत के आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. आगे की जांच के लिए बस को भी ज़ब्त कर लिया गया है. समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने कहा, "पीएस रानी बाग़ में गैंगरेप मामले में 12 मई को बीएनएस की धारा 64(1)/70(1)/3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है. मामले में अभियुक्तों को गिरफ़्तार भी कर लिया गया है. आगे की जांच जारी है." इमेज स्रोत, Alex Wong/Getty Images अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय वार्ता खत्म हो गई है. यह बातचीत करीब दो घंटे तक चली, जो पहले तय समय से लगभग एक घंटे ज़्यादा चली. आज शाम डोनाल्ड ट्रंप के सम्मान में आयोजित राजकीय भोज में भी उनकी मौजूदगी रहेगी. उधर, ताइवान ने अमेरिका के समर्थन पर आभार जताया है. ताइवान सरकार की प्रवक्ता मिशेल ली ने बीजिंग में ट्रंप-शी शिखर बैठक पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमेरिका की ओर से ताइवान के समर्थन को बार-बार दोहराए जाने के लिए हम उनके आभारी हैं. ताइवान मुद्दा इस बैठक में दोनों महाशक्तियों के बीच चर्चा का अहम विषय बना हुआ है और ताइवान इस मुलाक़ात पर क़रीबी नज़र रखे हुए है. चीनी सरकारी मीडिया के मुताबिक़ राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ताइवान मुद्दे को लेकर अमेरिका के साथ संभावित 'टकराव' की चेतावनी दी है. उन्होंने इसे 'चीन-अमेरिका संबंधों का सबसे अहम मुद्दा' बताया. शी जिनपिंग ने कहा, "अगर इस मुद्दे को सही तरीके से संभाला गया तो द्विपक्षीय संबंध सामान्य रूप से स्थिर रह सकते हैं. लेकिन अगर इसे ठीक से नहीं संभाला गया तो दोनों देश टकराव या यहां तक कि संघर्ष की स्थिति में पहुंच सकते हैं, जिससे पूरे चीन-अमेरिका संबंध बेहद ख़तरनाक मोड़ पर पहुंच जाएंगे." उन्होंने कहा कि ताइवान की स्वतंत्रता 'ताइवान स्ट्रेट में शांति के बिल्कुल उलट' है. साथ ही उन्होंने कहा कि इस इलाक़े में शांति बनाए रखना चीन और अमेरिका के बीच 'सबसे बड़ा साझा हित' है. ताइवान एक स्वशासित द्वीप है, जिस पर चीन अपना दावा करता है और उसे बलपूर्वक अपने नियंत्रण में लेने की संभावना से भी इनकार नहीं करता. हाल के सालों में चीन ने ताइवान के आसपास सैन्य अभ्यास बढ़ाए हैं, जिनमें नाकाबंदी जैसे युद्धाभ्यास भी शामिल हैं. इससे ताइवान प्रशासन और उसके सहयोगी देशों की चिंता बढ़ी है. पिछले साल ट्रंप प्रशासन ने ताइवान को 11 अरब डॉलर के हथियार बेचने का एलान किया था. चीन ने उस समय इसकी आलोचना की थी और आज की बैठक से पहले भी इसे लेकर चेतावनी दी थी. चीन पहुंचे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने शुरुआती संबोधन में शी जिनपिंग से मुलाक़ात को ‘सम्मान की बात’ बताया, वहीं चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि दोनों देशों को ‘प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि साझेदार बनना चाहिए.’ आज ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय वार्ता हो रही है और उससे पहले दोनों राष्ट्रपतियों ने शुरुआती संबोधन में कई बातें कहीं. ट्रंप ने कहा, "हमारे संबंध अच्छे रहे हैं. जब भी कोई मुश्किल आई, हमने उसे मिलकर सुलझाया. मैं आपको फ़ोन करता था और आप मुझे फ़ोन करते थे. लोगों को नहीं पता, लेकिन जब भी कोई समस्या हुई, हमने उसे बहुत जल्दी हल किया." उन्होंने कहा, "मैं हर किसी से कहता हूं कि आप एक महान नेता हैं." अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि वह इस दौरे पर दुनिया के "सबसे बेहतरीन कारोबारी नेताओं" को अपने साथ लाए हैं. उन्होंने कहा, "आज यहां सिर्फ शीर्ष लोग मौजूद हैं जो आपका सम्मान करने आए हैं." उन्होंने कहा, "आपके साथ होना सम्मान की बात है और आपका दोस्त होना भी सम्मान की बात है." ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका और चीन के संबंध "पहले से कहीं बेहतर" होने जा रहे हैं. ट्रंप और उनके प्रतिनिधिमंडल के सामने शुरुआती संबोधन में शी जिनपिंग ने कहा, "हमें प्रतिद्वंद्वी नहीं बल्कि साझेदार होना चाहिए. हमें एक-दूसरे की सफलता और समृद्धि में सहयोग करना चाहिए और नए दौर में बड़े देशों के आपसी संबंधों का सही रास्ता तलाशना चाहिए." शी जिनपिंग ने कहा कि वह ट्रंप के साथ चर्चा और मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हैं ताकि "चीन-अमेरिका संबंधों की विशाल नौका को सही दिशा दी जा सके और 2026 को ऐसा ऐतिहासिक साल बनाया जा सके जो संबंधों के नए अध्याय की शुरुआत करे." उन्होंने अमेरिका की आजादी के 250वें वर्ष पर ट्रंप और अमेरिकी जनता को बधाई भी दी. शी ने कहा, "पूरी दुनिया हमारी इस मुलाक़ात को देख रही है. इस समय दुनिया में ऐसा बदलाव तेज़ हो रहा है जैसा पिछले सौ सालों में नहीं देखा गया और अंतरराष्ट्रीय स्थिति लगातार बदलती और अस्थिर बनी हुई है." उन्होंने कहा, "दुनिया एक नए मोड़ पर पहुंच गई है. क्या चीन और अमेरिका थ्यूसीडाइड्स ट्रैप से बाहर निकलकर संबंधों का नया मॉडल बना सकते हैं? क्या हम वैश्विक चुनौतियों का मिलकर सामना कर दुनिया को ज्यादा स्थिरता दे सकते हैं? क्या हम अपने दोनों देशों की जनता और मानवता के भविष्य के हित में द्विपक्षीय संबंधों के लिए बेहतर भविष्य बना सकते हैं?" शी जिनपिंग ने कहा, "ये ऐसे सवाल हैं जो इतिहास, दुनिया और जनता के लिए अहम हैं. बड़े देशों के नेताओं के तौर पर ये हमारे समय के सवाल हैं, जिनका जवाब आपको और मुझे देना है." चीनी मूल के एक अमेरिकी नागरिक को अमेरिका में चीन का पहला सीक्रेट पुलिस स्टेशन चलाने का दोषी पाया गया है. 64 साल के लू जियानवांग पर आरोप था कि उन्होंने 2022 की शुरुआत में न्यूयॉर्क के मैनहटन स्थित चाइनाटाउन इलाके में चीन के सार्वजनिक सुरक्षा मंत्रालय (एमपीएस) के लिए यह स्टेशन खोला और संचालित किया. उन्हें चीन सरकार के अवैध एजेंट के तौर पर काम करने और मामले से जुड़े सबूत नष्ट कर न्याय में बाधा डालने के आरोपों में दोषी ठहराया गया. यह फ़ैसला ऐसे समय आया है, जब इसी सप्ताह कैलिफ़ोर्निया की एक मेयर ने चीन के अवैध एजेंट के रूप में काम करने के आरोप लगने के बाद इस्तीफ़ा दिया था. यह फै़सला न्यूयॉर्क की संघीय अदालत में एक सप्ताह तक चली जूरी सुनवाई के बाद आया. न्यूयॉर्क निवासी लू जियानवांग, जिन्हें हैरी लू के नाम से भी जाना जाता है, को अब अधिकतम 30 साल तक की जेल हो सकती है. अभियोजकों ने यह जानकारी दी. उनके सह-आरोपी चेन जिनपिंग ने दिसंबर 2024 में चीन जनवादी गणराज्य (पीआरसी) के एजेंट के रूप में साज़िश करने का दोष स्वीकार कर लिया था. वह इस विदेशी पुलिस स्टेशन से जुड़े मामले में सज़ा सुनाए जाने का इंतज़ार कर रहे हैं. एफ़बीआई के सहायक निदेशक जेम्स सी. बार्नेकल जूनियर ने कहा, “लू जियानवांग ने न्यूयॉर्क शहर में मौजूद इस पुलिस स्टेशन का इस्तेमाल चीन सरकार के राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने और पीआरसी के विरोधियों को निशाना बनाने के लिए किया.” कम से कम 53 देशों में ऐसे 100 से अधिक केंद्रों की मौजूदगी की खबरें सामने आई हैं. मानवाधिकार संगठनों ने चीन पर आरोप लगाया है कि वह इन ठिकानों का इस्तेमाल विदेशों में रहने वाले चीनी नागरिकों को धमकाने और उन पर निगरानी रखने के लिए करता है. चीन ने इन ठिकानों को पुलिस स्टेशन मानने से इनकार किया है. उसका कहना है कि ये “सेवा केंद्र” हैं, जो विदेशों में रहने वाले चीनी नागरिकों को प्रशासनिक सेवाएं उपलब्ध कराते हैं. चीन के मुताबिक, इन सेवाओं में महामारी के दौरान सहायता और ड्राइविंग लाइसेंस के नवीनीकरण जैसी सुविधाएं शामिल थीं.

स्रोत: BBC Hindi