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गुजरात के गिर जंगलों में दो शेरों की मौत, ख़तरनाक बेबेसिया संक्रमण फैलने का ख़तरा

गुजरात के गिर के जंगलों में दो शेरों की मौत हो गई है. आशंका है कि बेबेसिया संक्रमण से इन शेरों की मौत हुई है. बीबीसी गुजराती की ख़बर के मुताबिक़ वन विभाग ने एहतियात के तौर पर संक्रमण के लक्षणों वाले 17 शेरों को अलग कर दिया है. आशंका है कि अन्य शेरों को भी बेबेसिया हो सकता है. उन्हें दूसरे शेरों से अलग (क्वारंटीन) रखा जा रहा है. इससे पहले 2020 में, इस महामारी के कारण 20 से अधिक एशियाई शेरों की मौत हो गई थी. बेबेसिया या बेबेसिओसिस पैरासाइट की वजह से होने वाली बीमारी है. ये लाल रक्त कोशिकाओं को नष्ट कर देती है. इससे मलेरिया जैसे लक्षण पैदा होते हैं जैसे कि तेज बुख़ार, थकान और खू़न की कमी. हालांकि, गुजरात के वन और पर्यावरण मंत्री अर्जुन मोढवाडिया ने कहा है "वन विभाग'' की ओर से एहतियाती उपाय किए जा रहे हैं और वर्तमान स्थिति चिंताजनक नहीं है. 2018 में, कैनाइन डिस्टेंपर वायरस (सीडीवी) से शेरों में एक संक्रामक बीमारी फैल गई थी, जिससे लगभग 30 शेरों की मौत हो गई थी, वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उस समय शेरों को सीडीवी संक्रमण के साथ-साथ बेबेसिया भी हो गया था. अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि ईरान को बातचीत की मेज पर लाने में दो चीज़ों ने अहम भूमिका निभाई है. पहली सैन्य कार्रवाई और दूसरा आर्थिक दबाव. उन्होंने कहा कि ईरान पर लगे प्रतिबंधों में ढील देने या उसकी फ़्रीज की गई संपत्तियों को जारी करने की प्रक्रिया बहुत धीमी गति से आगे बढ़ेगी. बेसेंट ने गुरुवार को व्हाइट हाउस में पत्रकारों से कहा कि अमेरिका और उसके सहयोगियों की ओर से उठाए गए सैन्य कदमों के साथ-साथ कड़े आर्थिक प्रतिबंधों ने ईरान पर इतना दबाव बनाया कि वह बातचीत के लिए तैयार हुआ. यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते को लेकर बातचीत जारी है. बेसेंट ने संकेत दिया कि दोनों देशों के बीच किसी समझौते की संभावनाएं बन रही हैं, हालांकि अंतिम फ़ैसला अमेरिकी राष्ट्रपति के हाथ में होगा. इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने गुरुवार को कहा कि उन्होंने सेना को गज़ा के और हिस्सों पर कब्ज़ा करने का निर्देश दिया है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने ख़बर दी है कि नेतन्याहू ने कहा कि शुरुआत में लक्ष्य फ़लस्तीन क्षेत्र के 70 फ़ीसदी हिस्से पर नियंत्रण हासिल करना है. यह कदम अक्तूबर 2025 में इसराइल और हमास के बीच हुए युद्धविराम समझौते की शर्तों के उलट माना जा रहा है. गज़ा की आबादी पहले से ही समुद्र तट के किनारे एक बेहद छोटे इलाके में सिमटकर रह गई है. अनुमान है कि इसराइल ने पहले से ही गज़ा पट्टी के लगभग 64 फ़ीसदी हिस्से पर अपना प्रभावी नियंत्रण हासिल कर लिया है. 2023 में दक्षिणी इसराइल पर हमास के हमले के बाद शुरू हुए इसराइल के दो साल लंबे सैन्य अभियान में इस छोटे से तटीय क्षेत्र का बड़ा हिस्सा खंडहर में बदल चुका है. अमेरिका और ईरान के बीच समझौते को लेकर सहमति की ख़बर है. बताया जा रहा है कि इस समझौते में युद्धविराम को 60 दिनों के लिए बढ़ाना और ईरान के परमाणु कार्यक्रम के भविष्य पर बातचीत शुरू करना शामिल है. हालांकि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि युद्ध को लेकर किसी समझौते पर पहुंचने से पहले अमेरिका और ईरान को अभी कई लंबित मुद्दों को सुलझाना होगा. लेकिन बीबीसी पर्शियन के मुताबिक़ ईरान की अर्द्धसरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम ने ख़बर दी है कि समझौता अभी अंतिम रूप नहीं ले पाया है और इसकी पुष्टि भी नहीं हुई है. बीबीसी ने सवाल किया क्या राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समझौते पर हस्ताक्षर करने के करीब हैं. इस पर वेंस ने कहा कि यह टिप्पणी करना अभी जल्दबाज़ी होगी कि दोनों पक्ष अंतिम समझौते तक "कब या क्या" पहुंच पाएंगे. इससे पहले गुरुवार को अमेरिकी अधिकारियों ने बीबीसी को बताया था कि दोनों देशों के बीच समझौते के ढांचे पर सहमति बन गई है, लेकिन इसे अभी डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी नेतृत्व की मंज़ूरी मिलनी बाकी है. इस बीच, अमेरिकी सेना ने ईरान पर नाजुक युद्धविराम के उल्लंघन का आरोप लगाया. यह बयान तब आया जब कुवैत ने बताया कि उस पर हमला किया गया है. बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता दीपक मंडल अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा. कल के लाइव पेज की ख़बरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. बीबीसी हिन्दी की वेबसाइट पर मौजूद अहम ख़बरों को आप उनके साथ दिए गए लिंक पर क्लिक कर विस्तार से पढ़ सकते हैं. "उजाले अपनी यादों के…", उर्दू शायरी को महफ़िलों से निकालकर अवाम तक पहुँचाने वाले बशीर बद्र नहीं रहे 'सत्ता छीननी पड़ती है': 'कांग्रेस के संकटमोचक' डीके शिवकुमार कैसे पहुँचे सीएम की कुर्सी तक त्विषा शर्मा की सास गिरिबाला सिंह को सीबीआई ने किया गिरफ़्तार सीबीएसई की कॉपी रीचेकिंग को लेकर विवाद क्या है और स्टूडेंट क्यों उठा रहे हैं सवाल?

स्रोत: BBC Hindi