इमेज स्रोत, AAMIR QURESHI/AFP via Getty Image अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान सरकार के प्रवक्ता ज़बिहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि पाकिस्तानी सेना ने "अफ़ग़ान हवाई क्षेत्र का उल्लंघन" किया है और मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात डूरंड लाइन के पास कई प्रांतों में हवाई हमले किए. ज़बिहुल्लाह मुजाहिद ने कुछ तस्वीरें पोस्ट करते हुए एक्स पर लिखा, "कल रात, पाकिस्तानी सेना ने एक बार फिर अफ़ग़ान हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया और कुनार, खोस्त और पक्तिका प्रांतों में नागरिकों के घरों पर बमबारी की." उन्होंने दावा किया, "इन हमलों में 11 बच्चे, एक महिला और एक बुजुर्ग मारे गए हैं, जबकि अन्य 14 महिलाएं और बच्चे घायल हुए हैं." तालिबान सरकार के प्रवक्ता ने इन हमलों को 'मानवीय अपराध' और 'आक्रामकता की कार्रवाई' बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है. इन हमलों को लेकर अब तक पाकिस्तान की ओर से कोई बयान नहीं आया है. अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान सरकार और पाकिस्तान के बीच बीते कुछ महीनों में तनाव बढ़ा है. बीबीसी पश्तो के मुताबिक़, पाकिस्तान ने इसी साल मार्च में एक सेंटर पर हमला किया था. अफ़ग़ानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन (यूएनएएमए) ने इस हमले में कम से कम 269 लोगों की मौत की पुष्टि की थी और कहा था कि मरने वालों की वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है. पाकिस्तान अपने पड़ोसी अफ़ग़ानिस्तान की तालिबान सरकार पर आरोप लगाता रहा है कि वह पाकिस्तान के अंदर आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा दे रही है. वहीं, तालिबान सरकार ने बार-बार इन आरोपों का खंडन किया है और इस बात पर ज़ोर दिया है कि वह किसी को भी अफ़ग़ानिस्तान की धरती का इस्तेमाल किसी अन्य देश को नुक़सान पहुंचाने के लिए नहीं करने देगी. इमेज स्रोत, Stringer/Anadolu via Getty Images ईरान में युद्ध प्रबंधन की ज़िम्मेदारी संभाल रहे ख़ातम अल-अनबिया मुख्यालय ने दक्षिणी ईरान के कुछ हिस्सों में अमेरिकी हमलों के एक घंटे बाद एक बयान जारी किया है. बीबीसी फ़ारसी सेवा के मुताबिक़, ख़ातम अल-अनबिया मुख्यालय ने अमेरिकी सेना के हमलों के जवाब में मध्य-पूर्व में स्थित कुछ अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है. बयान में कहा गया, "अमेरिकी सेना की आक्रामकता के जवाब में क्षेत्र में स्थित कुछ अमेरिकी ठिकानों को ईरान की सेना और इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) के बहादुर जवानों ने एक ताक़तवार हमले के ज़रिए निशाना बनाया." इसके अलावा आईआरजीसी ने भी एक बयान जारी किया है, जिसमें बहरीन स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हमले का दावा किया गया. ईरान की तसनीम न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक़, आईआरजीसी ने कहा, "रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स की नौसेना ने सुबह 2:30 बजे बहरीन में अमेरिका के पांचवें नौसैनिक बेड़े पर ड्रोन हमला किया." फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी ने बताया कि आईआरजीसी ने जॉर्डन में एक अमेरिकी सैन्य अड्डे पर मिसाइल हमला किया है. आईआरजीसी ने कहा कि उसने 'जॉर्डन के अल-अज़राक में अमेरिकी हवाई अड्डे पर स्थित एफ़-35 लड़ाकू जेट हैंगर और सेना कमान सहित चार महत्वपूर्ण ठिकानों को अपनी लंबी दूरी की मिसाइलों से निशाना बनाया' है. आईआरजीसी ने अपने एक अन्य बयान में उत्तरी फ़ारस की खाड़ी में एक अमेरिकी ड्रोन को गिराने का दावा किया. ईरानी मीडिया ने आईआरजीसी के हवाले से बताया कि ड्रोन को 'बुशहर प्रांत के जाम काउंटी के ऊपर आसमान में निशाना बनाया गया' और 'नष्ट कर दिया गया'. उधर, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बुधवार सुबह कहा कि ईरान की ओर से उसके हेलिकॉप्टर को गिराए जाने के बाद अमेरिकी सेना ने जवाबी कार्रवाई की है, जो कि अब समाप्त हो गई है. मध्य-पूर्व के देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ईरान के हमले के दावे को लेकर अब तक अमेरिका की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. इमेज स्रोत, Chung Sung-Jun/Getty Images अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने बुधवार को अपने ताज़ा बयान में कहा है कि उसने अमेरिका के अपाचे हेलिकॉप्टर पर हमले के जवाब में कार्रवाई पूरी कर ली है. सेंटकॉम ने कहा, "अमेरिकी सेना के एक अपाचे हेलिकॉप्टर को गिराए जाने के जवाब में सेना ने आत्मरक्षा के तहत 9 जून को ईरान के ख़िलाफ़ कार्रवाई पूरी कर ली. यह कार्रवाई कमांडर-इन-चीफ़ के निर्देश पर की गई." बयान में कहा गया कि अमेरिकी एयर फ़ोर्स और नेवी के लड़ाकू विमानों ने होर्मुज़ स्ट्रेट के नज़दीक 'ईरान के एयर डिफ़ेंस सिस्टम, ग्राउंड कंट्रोल स्टेशनों और सर्विलांस रडार के ठिकानों को निशाना बनाया'. सोमवार को अमेरिकी सेना का एक अपाचे हेलिकॉप्टर ओमान के तट के पास गिराया गया था. इस हेलिकॉप्टर में सवार दो क्रू सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया था. कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन रद्द होने के बाद विपक्षी नेताओं ने कई तरह के सवाल उठाए हैं. कांग्रेस ने इसे 'सीट चोरी' कहा है, तो वहीं सत्ताधारी दल बीजेपी ने इसे 'सत्य की जीत' बताया है. इस बीच अन्य विपक्षी दलों की ओर से भी इस मामले पर तीख़ी प्रतिक्रियाएं आई हैं. शिवसेना (उद्धव गुट) के नेता आदित्य ठाकरे ने एक्स पर लिखा, "हम कभी लोकतंत्र थे. दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र, जहाँ संस्थाओं की निष्पक्षता और संप्रभुता राजनीतिक प्रभाव से मुक्त थी. अब... दुनिया का सबसे बड़ा पूर्व लोकतंत्र." वहीं, तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा, "एक तुच्छ बहाना बनाकर कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन को ख़ारिज करना यह दिखाता है कि मोदी और शाह दोनों सदनों पर नियंत्रण पाने और संविधान में शोधन करने के लिए कितने बेताब हैं. वरना 2029 में उनका समय समाप्त हो जाएगा." मंगलवार को मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन रद्द कर दिया गया. कांग्रेस ने उन्हें मध्य प्रदेश से उम्मीदवार बनाया था. नामांकन रद्द होने के बाद कांग्रेस नेता जयराम रमेश, भूपेश बघेल, सचिन पायलट और केसी वेणुगोपाल समेत कई पार्टी नेता नई दिल्ली में चुनाव आयोग के दफ़्तर पहुंचे और धरने पर बैठ गए. संबंधित ख़बर: मध्य प्रदेश: कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द, चुनाव आयोग के बाहर नेताओं ने दिया धरना बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता सुमंत सिंह अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा. कल के लाइव पेज की ख़बरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. हमारे पेज पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें. - मध्य प्रदेश: कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द, चुनाव आयोग के बाहर नेताओं ने दिया धरना - पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में क्यों हुई हिंसा और भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से क्या अपील की - पश्चिम बंगाल से लोगों के 'पुश-इन' पर बांग्लादेश में उठते सवाल, क्या भारत से रिश्तों पर पड़ेगा असर - तृणमूल कांग्रेस का संकट बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को कैसे फ़ायदा पहुंचा सकता है? - शामली के आयुष मलिक के मोहम्मद अली बनने का क्या है पूरा मामला
स्रोत: BBC Hindi