18 जून को पुणे के लोहागढ़ किले में हुई 26 वर्षीय केतन अग्रवाल की मौत को शुरुआत में एक हादसा माना गया था. मंगेतर सिया गोयल ने पुलिस और परिवार को बताया कि ट्रैकिंग के दौरान केतन का पैर फिसल गया और वह करीब 350 फीट गहरी खाई में गिर गया. लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, इस कथित हादसे की परतें खुलती गईं और मामला एक सुनियोजित हत्या की साजिश में बदल गया. आज पूरा देश यही सवाल पूछ रहा है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि जिस लड़की की चार महीने बाद शादी होने वाली थी, उसने अपने ही मंगेतर को मौत के घाट उतारने की कथित साजिश रच दी?
पुलिस की जांच अब इस सवाल के जवाब तलाश रही है कि केतन को खाई में आखिरी धक्का किसने दिया. सिया और उसका कथित प्रेमी चेतन चौधरी दोनों पुलिस रिमांड में हैं और पूछताछ के दौरान दोनों एक-दूसरे को मुख्य आरोपी बता रहे हैं. सिया का कहना है कि आखिरी धक्का चेतन ने दिया, जबकि चेतन दावा कर रहा है कि पूरा प्लान सिया का था और उसी ने केतन को खाई में धक्का दिया. यानी जिस प्यार के लिए एक निर्दोष की जान चली गई, उसी प्यार में अब दोनों एक-दूसरे को बचाने के बजाय दोषी साबित करने की कोशिश कर रहे हैं.
सिया के बयान पर पुलिस को हैरानी
पुलिस के सामने पूछताछ में सिया ने जो वजह बताई, उसने सभी को हैरान कर दिया. सूत्रों के मुताबिक सिया ने कहा कि वह केतन से शादी नहीं करना चाहती थी. उसने यह भी बताया कि केतन थोड़ा हकलाता था और उसके सिर पर बाल कम थे, इसलिए वह उससे खुश नहीं थी. दूसरी तरफ वह चेतन से प्यार करती थी. हालांकि केतन के परिवार का कहना है कि केतन की इन बातों की जानकारी पहले से दोनों परिवारों को थी. परिवार सवाल उठा रहा है कि अगर किसी की शारीरिक कमी पसंद नहीं थी तो क्या उसका हल हत्या हो सकता है?
सबसे हैरानी की बात यह है कि बाहर से देखने पर सिया और केतन का रिश्ता बिल्कुल सामान्य दिखाई देता था. सगाई की तस्वीरें हों, जन्मदिन की तैयारियां हों या दोनों के बीच हुई व्हाट्सऐप चैट, कहीं भी ऐसा नहीं दिखता कि सिया इस रिश्ते से असंतुष्ट थी. पुलिस के हाथ लगी चैट में दोनों सामान्य जोड़े की तरह बातचीत कर रहे थे. यही वजह है कि जांच एजेंसियां अब यह भी मान रही हैं कि कहीं यह सब सिया की योजना का हिस्सा तो नहीं था ताकि हत्या के बाद किसी को उस पर शक न हो.
किसने की थी लोहागढ़ किला जाने की जिद?
इस मामले में एक और बड़ा विवाद इस बात को लेकर है कि आखिर लोहागढ़ किला जाने की जिद किसने की थी. केतन के परिवार का दावा है कि सिया लगातार तीसरी बार केतन को लोहागढ़ ले गई. उनका कहना है कि इससे पहले भी दो बार वह केतन को उसी जगह ले जा चुकी थी और एक बार उसे धक्का देने की कोशिश भी की गई थी. दूसरी तरफ सिया के परिवार का दावा है कि वीडियो कॉल और चैट में ऐसे सबूत हैं जिनसे पता चलता है कि इस ट्रिप की इच्छा केतन ने जताई थी. यही वजह है कि दोनों परिवार अब अपने-अपने दावे के समर्थन में अलग-अलग बातें सामने रख रहे हैं.
जांच के दौरान पुलिस को हत्या की कथित साजिश की शुरुआत 17 जून से मिलती है. हत्या से ठीक एक दिन पहले शाम करीब साढ़े चार बजे सिया और चेतन पुणे के एक कैफे में मिले. वहां लगे सीसीटीवी कैमरों में दोनों साथ दिखाई दिए. पुलिस का दावा है कि इसी कैफे में बैठकर दोनों ने हत्या की अंतिम योजना बनाई. जांच में यह भी सामने आया कि दोनों ने इंटरनेट पर लोहागढ़ किले की जानकारी खोजी, हत्या को हादसा कैसे दिखाया जा सकता है, इस बारे में सर्च किया और अगले दिन इस्तेमाल होने वाले संकेत भी तय किए.
18 जून की सुबह योजना का दूसरा चरण शुरू हुआ. सिया अपने घर से कैब लेकर निकली. रास्ते में उसकी मुलाकात केतन से हुई. उधर चेतन बाइक से पुराने पुणे-मुंबई हाईवे के रास्ते लोहागढ़ की ओर रवाना हुआ. पुलिस के मुताबिक सुबह करीब 10 बजकर 20 मिनट पर सिया और केतन टिकट काउंटर पहुंचे. तीन से चार मिनट बाद हूडी और मास्क पहने चेतन भी वहां दिखाई दिया. टिकट काउंटर पर लगे सीसीटीवी कैमरे में यही तस्वीरें रिकॉर्ड हुईं, जिन्होंने बाद में पूरे केस की दिशा बदल दी.
स्रोत: ABP Hindi