जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर बिहार के बांकीपुर सीट से विधानसभा उप-चुनाव लड़ेंगे. यह सीट बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के हटने से खाली हुई है. रविवार को एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने उनकी उम्मीदवारी की घोषणा की. उससे पहले कोर कमिटी की बैठक हुई थी, जिसमें ये फ़ैसला लिया गया. बांकीपुर बिहार की सबसे चर्चित विधानसभा सीटों में शामिल है और अब यह हाई-प्रोफ़ाइल मुकाबले में बदल गया है. इस उप चुनाव की तारीख़ जल्द घोषित होने की संभावना है. यह चुनाव 30 जुलाई को होने वाला है और यहां से प्रशांत किशोर का राजनीतिक डेब्यू होने जा रहा है. ग़ौरतलब है कि नवंबर 2025 में हुए बिहार विधानसभा चुनाव में जन सुराज पार्टी ने अधिकांश सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे लेकिन प्रशांत किशोर अंतिम समय में चुनाव में उतरने से मना कर दिया था. उन्होंने कहा था कि 'यह उनकी पार्टी का फ़ैसला था कि बाकी सीटों पर ध्यान देना ज़रूरी है.' अपनी उम्मीदवार पर प्रशांत किशोर ने अपनी पार्टी के साथियों, सहयोगियों, नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं का आभार जताया. उन्होंने कहा, "मैं उन्हें भरोसा दिलाता हूं कि पिछले चार वर्षों से जन सुराज ही मेरा जीवन रहा है. आने वाले दस वर्षों तक, जब तक बिहार में बदलाव का सपना पूरा नहीं हो जाता, मेरा कोई दूसरा उद्देश्य नहीं है." "मैं बांकीपुर उपचुनाव लड़ने की ज़िम्मेदारी को उसी लक्ष्य की तरफ एक कदम मानता हूं. नवंबर 2025 में हजारों और लाखों लोग जन सुराज के विचारों और प्रयासों से जुड़े थे." पिछले बिहार चुनाव पर उन्होंने कहा, "नतीजों के बाद कई लोगों को निराशा हुई और उनका उत्साह भी कम हुआ. उनमें से ज्यादातर का मानना है कि अगर जन सुराज बांकीपुर उपचुनाव जीतता है, तो इससे न सिर्फ यह आंदोलन मजबूत होगा, बल्कि बिहार में बदलाव की सोच को भी नई ताकत मिलेगी." "मैं विनम्रता के साथ यह ज़िम्मेदारी स्वीकार करता हूं." बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान प्रशांत किशोर ने कहा था कि अगर जनता दल (यूनाइटेड) ने चुनाव में 25 से ज़्यादा सीटों पर जीत दर्ज की तो वह राजनीति छोड़ देंगे. जेडीयू ने बिहार में 85 सीटें जीती हैं. इसके बाद से सवाल उठे कि क्या प्रशांत किशोर राजनीति छोड़ेंगे? लेकिन चुनाव के बाद पटना में एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में प्रशांत किशोर ने अपने इस बयान पर सफाई दी. उन्होंने कहा, "मैं उस बात पर बिल्कुल कायम हूं. अगर नीतीश कुमार की सरकार ने ये वोट नहीं ख़रीदे हैं, तो मैं राजनीति से संन्यास ले लूंगा." बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित. (बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और व्हॉट्सऐप पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)
स्रोत: BBC Hindi