लक्ष्मी स्कूल गई थी, जब घर लौटी तो सिर्फ़ घर और दुकान ही टूटे नहीं मिले, लक्ष्मी को अपने सपने भी टूटे हुए मिले. झारखंड के रांची में रहने वाली लक्ष्मी 10वीं क्लास में पढ़ रही हैं और वो वैज्ञानिक बनना चाहती हैं, दुनिया के मुश्किल सवालों के जवाब खोजना चाहती हैं, मगर अभी वो मलबे से अपनी किताबें, कॉपियां खोज रही हैं. बीते दिनों रांची में नगर निगम की ओर से चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत लक्ष्मी का घर भी तोड़ दिया गया. लक्ष्मी और उनकी मां सरिता के दुख और आरोपों पर प्रशासन का क्या कहना है. देखिए ये रिपोर्ट. बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित (बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और व्हॉट्सऐप पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)
स्रोत: BBC Hindi