बिहार सरकार में पूर्व मंत्री और जनशक्ति जनता दल के प्रमुख तेज प्रताप यादव को शनिवार रात गिरफ़्तार कर लिया गया. गिरफ़्तारी के बाद उन्हें पटना के बेऊर जेल भेज दिया गया है. दरअसल, तेज प्रताप यादव 25 जुलाई को पटना में आयोजित बिहार बंद में शामिल हुए थे. इस दौरान पुलिस ने उन्हें कुछ समय के लिए हिरासत में लिया था, लेकिन बाद में छोड़ दिया गया था. इसके बाद शाम को पुलिस उन्हें पटना के एक मॉल से अपने साथ ले गई. पुलिस उन्हें नौबतपुर थाने लेकर पहुंची, जहां देर रात उन्हें मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया. फ़िलहाल वो बेऊर जेल में बंद हैं. तेज प्रताप यादव के वकील जगन्नाथ सिंह ने बताया कि उन्हें सिर्फ अरेस्ट मेमो मिला है, जबकि एफ़आईआर की कॉपी अब तक उपलब्ध नहीं कराई गई है. तेज प्रताप यादव के वकील जगन्नाथ सिंह ने बताया कि उन्हें सिर्फ़ अरेस्ट मेमो मिला है, जबकि एफ़आईआर की कॉपी अब तक उपलब्ध नहीं कराई गई है. उन्होंने कहा कि तेज प्रताप यादव पर धारा 109 और सरकारी काम में बाधा डालने से जुड़ी धाराएं लगाई गई हैं. गौरतलब है कि तेज प्रताप यादव ने हाल ही में सोशल मीडिया के ज़रिए कॉकरोच जनता पार्टी के फ़ाउंडर अभिजीत दीपके से बिहार में आंदोलन करने की अपील की थी. इमेज स्रोत, Eddie Keogh/Getty Images भारतीय स्क्वैश खिलाड़ी अनाहत सिंह ने शनिवार को वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप 2026 का ख़िताब जीतकर इतिहास रच दिया है. 18 वर्षीय अनाहत इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट का ख़िताब जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बन गई हैं. कनाडा के नियाग्रा-ऑन-द-लेक में शनिवार को खेले गए फ़ाइनल मुक़ाबले में अनाहत ने मिस्र की रुकैया सलेम को सीधे गेमों में 11-3, 11-7, 11-9 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया. अनाहत की यह जीत इसलिए भी ऐतिहासिक मानी जा रही है क्योंकि पिछले 16 वर्षों से इस चैंपियनशिप का ख़िताब लगातार मिस्र के खिलाड़ियों के पास रहा था. उन्होंने मिस्र के इस लंबे वर्चस्व को समाप्त करते हुए पूरे टूर्नामेंट में फ़ाइनल तक एक भी गेम गंवाए बिना ख़िताब पर क़ब्ज़ा जमाया. फ़ाइनल से पहले भी अनाहत ने शानदार प्रदर्शन किया. उन्होंने सेमीफ़ाइनल में मिस्र की हबीबा रिज़्क को 3-1 (11-7, 11-5, 6-11, 11-9) से हराया. जबकि क्वार्टरफ़ाइनल में बार्ब सामेह को 3-1 (11-3, 8-11, 11-4, 11-6) से शिकस्त देकर अंतिम चार में जगह बनाई थी. स्क्वैश जैसे प्रतिस्पर्धी खेल में मिस्र के लगातार तीन खिलाड़ियों को हराना बड़ी उपलब्धि माना जाता है. अनाहत ने इस टूर्नामेंट में एक और अहम उपलब्धि अपने नाम की. वह 21 वर्षों में वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप के फ़ाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी भी बनीं. इससे पहले वर्ष 2005 में जोशना चिनप्पा ने भारत की ओर से इस प्रतियोगिता के फ़ाइनल में जगह बनाई थी. केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर चल रहा आंदोलन शनिवार रात को समाप्त हो गया है. हालांकि, रविवार सुबह भी यहां पुलिस तैनात है और बैरिकेड्स लगे हुए हैं. पुलिस बल पहले के मुक़ाबले अब काफ़ी कम है, जबकि प्रदर्शनकारी अपने घर लौट चुके हैं. रविवार सुबह की जंतर-मंतर की कुछ तस्वीरें- इमेज स्रोत, Sonu Mehta/Hindustan Times via Getty Images केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े के बाद इस मंत्रालय का प्रभार प्रह्लाद जोशी को मिला है. नई ज़िम्मेदारी मिलने पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद किया. केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा, "मुझे पता चला है कि प्रधानमंत्री ने मुझे यह ज़िम्मेदारी दी है. मैं इस ज़िम्मेदारी को कर्तव्य और विनम्रता के साथ स्वीकार करता हूं और प्रधानमंत्री का धन्यवाद करता हूं." उन्होंने आगे कहा, "मोदी सरकार के पिछले 12 साल में कई ऐतिहासिक उपलब्धियाँ हासिल हुई हैं. मैं पीएम के मार्गदर्शन में अपनी पूरी क्षमता के साथ काम करने की कोशिश करूंगा." प्रह्लाद जोशी ने अपने एक्स हैंडल पर किए गए एक पोस्ट में धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल का ज़िक्र भी किया. उन्होंने कहा, "धर्मेंद्र प्रधान जी का राजनीतिक सफ़र कई दशकों तक रहा है. देश के विकास के लिए उनकी प्रतिबद्धता हमेशा याद रखी जाएगी." जोशी ने लिखा, "उनके (धर्मेंद्र प्रधान) कार्यकाल में नई शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 को सफलतापूर्वक लागू किया गया. इसके साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में 100 से ज़्यादा छोटे और बड़े सुधार किए गए. देशहित को सबसे ऊपर रखते हुए प्रधान जी का पद छोड़ने का फ़ैसला, देश के विकास में उनके योगदान को किसी भी तरह से नहीं रोक सकता." उन्होंने लिखा, "देश के विकास के रास्ते पर हमारी मुलाक़ात फिर होगी." गौरतलब है कि प्रह्लाद जोशी फ़िलहाल उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री हैं और उनके पास नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय भी है. इमेज स्रोत, Debajyoti Chakraborty/NurPhoto via Getty Images केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने धर्मेंद्र प्रधान के शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफ़े के बाद कहा कि बीजेपी में कार्यकर्ताओं के लिए पद नहीं, बल्कि देश ज़्यादा महत्वपूर्ण है. गृह मंत्री शाह ने शनिवार देर रात सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा कि मोदी सरकार देश के युवाओं की भावनाओं का सम्मान करती है और पेपर लीक के खिला़फ़ आवश्यक सुधारों के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने लिखा, "बीजेपी के कार्यकर्ताओं के लिए पद से कहीं अधिक महत्वपूर्ण देश, हमारी युवा पीढ़ी और विद्यार्थी हैं. आज केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान जी का अपने पद से इस्तीफ़ा इसी को दर्शाता है." "मोदी सरकार देश के युवाओं की भावनाओं का सम्मान करती है और पेपर लीक के विरुद्ध आवश्यक सुधारों के लिए कटिबद्ध है. पेपर लीक के दोषियों को कठोर दंड मिले, इसके लिए मोदी जी द्वारा लिए गए निर्णय सराहनीय हैं. मुझे पूर्ण विश्वास है कि इन कदमों से नीट परीक्षा में सफल हुए विद्यार्थियों के साथ पूरा न्याय होगा." उन्होंने आगे लिखा, "धर्मेंद्र प्रधान जी ने अपने कार्यकाल में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन, मातृभाषाओं में परीक्षाओं की व्यवस्था, पीएम श्री विद्यालयों के विस्तार, डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने, कौशल विकास एवं उद्योग-अकादमिक समन्वय को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण सुधार किए हैं. परीक्षा प्रणाली को अधिक समावेशी और छात्र-केंद्रित बनाने की दिशा में भी उनके प्रयास उल्लेखनीय रहे हैं. उनका कार्यकाल भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प के प्रति उनके समर्पण का परिचायक है." गौरतलब है कि देशभर में हो रहे प्रदर्शनों के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफ़ा दिया था. संबंधित स्टोरी: धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा राष्ट्रपति ने किया स्वीकार, इन मंत्री को मिला शिक्षा मंत्रालय का ज़िम्मा बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा. कल के लाइव पेज की ख़बरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. बीबीसी न्यूज़ हिन्दी पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए उनके साथ दिए गए लिंक पर क्लिक करें. - धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा राष्ट्रपति ने किया स्वीकार, इन मंत्री को मिला शिक्षा मंत्रालय का ज़िम्मा - धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा मोदी सरकार के लिए झटका है या एक बड़ा मौक़ा? - 10 दिनों में क्या हुआ जिससे धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े के बाद जंतर-मंतर पर धरना हुआ ख़त्म - धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े पर अभिजीत दीपके बोले- 'झुकती है दुनिया झुकाने वाले चाहिए'
स्रोत: BBC Hindi