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कॉमनवेल्थ गेम्स क्या होते हैं, ग्लासगो में हो रहे खेल कितने हैं अलग?

इमेज स्रोत, Mattia Ozbot/Getty Images कॉमनवेल्थ गेम्स हर चार साल में आयोजित होने वाला एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन है, जिसमें कॉमनवेल्थ का हिस्सा रहे देश भाग लेते हैं. साल 2026 के राष्ट्रमंडल खेल 23 जुलाई से 2 अगस्त के बीच स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित किए जा रहे हैं. यह इस प्रतियोगिता का 23वां संस्करण है, जिसकी शुरुआत 1930 में ब्रिटिश एम्पायर गेम्स के रूप में हुई थी. 21वीं सदी में बर्मिंघम, गोल्ड कोस्ट, ग्लासगो, दिल्ली, मेलबर्न और मैनचेस्टर इन खेलों की मेज़बानी कर चुके हैं. 2026 के राष्ट्रमंडल खेलों में 74 अलग-अलग देशों और क्षेत्रों की टीमें हिस्सा ले रही हैं. ओलंपिक और पैरालंपिक जैसे आयोजनों के विपरीत, ग्रेट ब्रिटेन का हिस्सा रहे देश अलग-अलग टीमों के रूप में प्रतिस्पर्धा करते हैं. इसका मतलब है कि इंग्लैंड, वेल्स, स्कॉटलैंड और उत्तरी आयरलैंड एक संयुक्त टीम के बजाय एक-दूसरे के ख़िलाफ़ खेलते हैं. राष्ट्रमंडल खेलों को प्रभावी रूप से ओलंपिक और पैरालंपिक का छोटा संस्करण माना जाता है, लेकिन इसमें हिस्सा लेने वाले सभी देशों के ऐतिहासिक संबंध ब्रिटिश साम्राज्य से रहे हैं. ओलंपिक और पैरालंपिक की तरह राष्ट्रमंडल खेल भी हर चार साल में आयोजित किए जाते हैं. इनका आयोजन हर ओलंपिक और पैरालंपिक राउंड के बीच होता है. राष्ट्रमंडल खेलों की विरासत का एक अहम हिस्सा यह भी है कि यह पहला मल्टी-स्पोर्ट आयोजन था, जिसमें पैरा स्पर्धाओं को पूरी तरह शामिल किया गया. ताजा मेडल टैली देखने के लिए यहां क्लिक करें ताज़ा शेड्यूल देखने के लिए यहां क्लिक करें इमेज स्रोत, Mattia Ozbot/Getty Images 2026 के कॉमनवेल्थ गेम्स में कुल 10 खेल शामिल हैं. यह संख्या 2014 में ग्लासगो में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों के 17 खेलों की तुलना में काफ़ी कम है. हॉकी और रैकेट से खेले जाने वाले सभी स्पोर्ट्स को इस बार के खेलों से बाहर कर दिया गया है. एथलेटिक्स, तैराकी, ट्रैक साइक्लिंग, नेटबॉल, मुक्केबाज़ी और जूडो जैसे खेल अंतिम सूची में शामिल हैं. एथलेटिक्स, तैराकी, ट्रैक साइक्लिंग, पावरलिफ्टिंग और बॉल्स में पैरा स्पर्धाएं भी आयोजित की जा रही हैं. राष्ट्रमंडल खेल संघ (सीजीए) के सभी 74 सदस्य इस साल ग्लासगो में होने वाले खेलों में हिस्सा ले रहे हैं. इनमें 55 देश, नौ ब्रिटिश ओवरसीज़ टेरिटरी, यूनाइटेड किंगडम के चार घटक देश, तीन क्राउन डिपेंडेंसी, न्यूज़ीलैंड के राजतंत्र से जुड़े दो एसोसिएटेड स्टेट और ऑस्ट्रेलिया का एक बाहरी क्षेत्र शामिल है. प्रतिस्पर्धा में हिस्सा लेने वाले अन्य देशों के विपरीत, 2026 के कॉमनवेल्थ गेम्स में पहली बार भाग लेने वाले गैबॉन और टोगो का राष्ट्रमंडल के साथ कोई ऐतिहासिक संबंध नहीं रहा है. दोनों देश 2022 में ही राष्ट्रमंडल में शामिल हुए थे. भारत दो गोल्ड, पांच सिल्वर और तीन ब्रॉन्ज़ समेत कुल 10 पदकों के साथ पदक तालिका में आठवें पायदान पर है. भारत को पहला मेडल इस प्रतियोगिता में पैरा पावरलिफ़्टिंग में झंडु कुमार ने दिलाया था. उन्होंने ब्रॉन्ज़ मेडल जीता था. उनके बाद ऋषिकांत सिंह ने 60 किलोग्राम पुरुष वेटलिफ़्टिंग में सिल्वर मेडल दिलाया. ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में पहला गोल्ड मेडल वेटलिफ़्टर मीराबाई चनू ने दिलाया. महिलाओं की 48 किलोग्राम की स्पर्धा में मीराबाई ने कई रिकॉर्ड तोड़े. उन्होंने स्नैच में 85 किलोग्राम, क्लीन एंड जर्क में 105 किलोग्राम समेत कुल 190 किलोग्राम वज़न उठाया. मीराबाई चनू ने कॉमनवेल्थ गेम्स में स्नैच में 85 किलोग्राम वज़न उठाया है जो कि एक रिकॉर्ड है. भारत को दूसरा गोल्ड मेडल पैरा एथलेटिक्स शर्मिला धनखड़ ने दिलाया. शर्मिला धनखड़ ने महिलाओं के शॉटपुट एफ-57 इवेंट में ये मेडल जीता. भारत ने अब तक वेटलिफ़्टिंग में छह मेडल, पैरा इवेंट में तीन मेडल और एथलेटिक्स में एक मेडल जीता है. बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित. BBC World Service के नए ऐप को डाउनलोड करें BBC News हिन्दी को चुनें और पाइए न्यूज़ अलर्ट, लाइव टीवी, पॉडकास्ट... सब एक जगह कृपया नोट करें: नया ऐप ब्रिटेन और अमेरिका में उपलब्ध नहीं है.

स्रोत: BBC Hindi