Regd. UDYAM-UP-31-0004031
प्रदेश के तेजी से उभरते हुए जनसंवाद समाचार न्यूज चैनल व न्यूज पोर्टल पर अपने व्यवसाय व शिक्षण संस्थान के तेजी से आगे बढ़ोत्तरी के लिए प्रचार प्रसार कराकर लाभ प्राप्त करने के लिए सम्पर्क करें। सम्पर्क सूत्र 9506980980

प्रीपेड स्मार्ट मीटर बना ग्रामीणों का सिरदर्द बिना सूचना बदले सिस्टम गांवों में अंधेरा आक्रोश


बालपुर गोंडा। ग्रामीण क्षेत्रों में हाल ही में शुरू की गई स्मार्ट मीटर योजना अब लोगों के लिए राहत के बजाय परेशानी का कारण बनती जा रही है। बिजली विभाग द्वारा बिना पूर्व सूचना के कई घरों के मीटर को पोस्टपेड से प्रीपेड में बदल दिया गया जिसके चलते गांवों में हड़कंप मच गया है।
हालत यह है कि कई घरों में पिछले कई दिनों से बिजली गुल है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें इस बदलाव की न तो जानकारी दी गई और न ही किसी प्रकार की तैयारी का मौका मिला।
स्थानीय निवासी विनोद कुमार तिवारी ने बताया कि उनके घर में कई दिनों से बिजली नहीं है। जब उन्होंने पावर हाउस बालपुर में संपर्क किया तो उन्हें बताया गया कि उनके मीटर की आईडी लॉक हो गई है। इसके बाद उन्हें पावर हाउस कटरा भेज दिया गया। कटरा पावर हाउस पहुंचने पर उन्होंने देखा कि वहां बड़ी संख्या में लोग इसी समस्या को लेकर परेशान खड़े थे। सभी की शिकायत एक जैसी थी—स्मार्ट मीटर में बैलेंस खत्म होते ही बिजली अपने आप कट जा रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली विभाग इस पूरे मामले में अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहा है। अधिकारियों का साफ कहना है कि “यह सिस्टम ऑटोमेटिक है, इसमें हम कुछ नहीं कर सकते।”
इस जवाब ने लोगों की नाराजगी और बढ़ा दी है। ग्रामीणों का कहना है कि बिना जागरूकता और उचित व्यवस्था के प्रीपेड सिस्टम थोपना सीधा अन्याय है। कई परिवार आर्थिक तंगी के कारण समय पर रिचार्ज नहीं कर पा रहे, जिससे उनके घर अंधेरे में डूबे हुए हैं।
ग्रामवासियों ने एकजुट होकर मांग की है कि प्रीपेड स्मार्ट मीटर को हटाकर फिर से पोस्टपेड मीटर लगाए जाएं, ताकि उन्हें कम से कम बुनियादी सुविधा से वंचित न होना पड़े। इस मामले को गंभीरता से उठाते हुए पत्रकार रमेश तिवारी ने जिलाधिकारी को आवेदन देकर प्रीपेड मीटर हटाने और पोस्टपेड व्यवस्था बहाल करने की मांग की है।
अब देखने वाली बात यह है कि प्रशासन इस बढ़ते असंतोष पर क्या कदम उठाता है या फिर ग्रामीणों को यूं ही “ऑटोमेटिक सिस्टम” के भरोसे अंधेरे में जीने के लिए छोड़ दिया जाएगा।