गोंडा। जिले में दो घटनाए एक साथ शहर में घटी जिसने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिया है। इसमें एक हत्या को लेकर अधिवक्ता अपने भाई के साथ कमिश्नर कार्यालय की टंकी पर चढ़ गये, दूसरी ओर तरबगंज तिवारीपुरवा निवासी गीता अपने आठ साल के मासूम को लेकर बीएसएनएल टावर पर चढ़ गयी जिसे लेकर पुलिस पांच घंटे घटनास्थल पर हलकान रही। सैकडों की भीड जुडी रही और यातायात पुलिस को लगाना पडा।
उल्लेखनीय है कि गीता ने मंडलायुक्त देवीपाटन मंडल को बीते सोमवार 25 मई को राम अकबाल अमित सिह, निवासी किन्धोरा पर अपने पति को गायब करने, पुलिस पर जबरिया सुलह कराने, "जातिसूचक गाली देने, बलात्कार करने की शिकायत की थी। इसके बाद एक सप्ताह बाद महिला ने न्याय की उम्मीद से हारकर मंडे नाला के पास टावर पर नौ बजे बच्चा लेकर चढ़ गयी तो प्रशासन में तहलका मच गया। अग्निशमन टीम फेल रही, एसडीआरएफ टीम ने पांच घंटे बाद महिला व बच्चा को उतारने में सफलता पायी।
गोंडा में पुलिस कार्य शैली को लेकर दो घटनाए एक साथ शहर में घटी जिसमें एक हत्या को लेकर अधिवक्ता अपने भाई के साथ कमिश्नर कार्यालय की टंकी पर चढ़ गये, दूसरी ओर तरबगंज तिवारी पुरवा निवासी गीता अपने आठ साल बच्चा को लेकर बीएसएनएल टावर पर चढ गयी जिसे लेकर पुलिस पांच घटना हलकान रही। सैकडों की भीड जुडी रही और यातायात पुलिस लगाना पड़ा।
संजय दूबे ने टंकी पर चढकर विरोध जताया. चार घंटे बाद उन्हें उतारा गया। सीओ आनंद राय ने बताया कि पुलिस टीम मौके पर डटी रही. एडीएम आलोक कुमार व अन्य उपस्थित रहे।