गोण्डा 30 जनवरी 2026* - शुक्रवार को मंडलायुक्त शशि भूषण लाल सुशील की अध्यक्षता में एक करोड़ रुपये से अधिक लागत की निर्माणाधीन सड़क परियोजनाओं एवं अन्य विकास कार्यों की समीक्षा बैठक कमिश्नरेट सभागार में आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं द्वारा संचालित कुल 193 निर्माणाधीन परियोजनाओं की विभागवार समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ लिमिटेड, उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड, उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद, उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय), यूपी सिडको, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग तथा सी एण्ड डीएस सहित अन्य विभागों की परियोजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की गई।
मंडलायुक्त ने बैठक में स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं समयबद्धता सुनिश्चित की जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं से संबंधित सूचना का अद्यतन, पूर्ण एवं सही होना अत्यंत आवश्यक है। बैठक में आयुक्त ने पाया गया कि कुछ अधिकारियों द्वारा परियोजनाओं की प्रगति से संबंधित सूचना अधूरी एवं गलत फीड की गई है। इस पर मंडलायुक्त ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल स्पष्टीकरण जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गलत सूचना देना प्रशासनिक अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है और इससे विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति प्रभावित होती है।
मंडलायुक्त ने एक करोड़ रुपये से अधिक लागत की सड़क परियोजनाओं सहित अन्य प्रमुख निर्माणाधीन कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि कार्यदायी संस्थाओं के कार्यों की नियमित समीक्षा की जाए तथा कागजी प्रगति के साथ-साथ स्थल निरीक्षण भी अनिवार्य रूप से कराया जाए।
लंबित परियोजनाओं पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि जिन परियोजनाओं में कार्य धीमी गति से चल रहा है, वहां आवश्यकतानुसार मैनपावर बढ़ाकर कार्य में तेजी लाई जाए, जिससे परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण कराया जा सके।
उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि सभी निर्माणाधीन परियोजनाओं में गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए। किसी भी प्रकार की तकनीकी अथवा प्रशासनिक कमी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्थाओं की जवाबदेही तय की जाएगी।
समीक्षा बैठक में संयुक्त विकास आयुक्त, मुख्य विकास अधिकारी गोंडा सहित सभी संबंधित मंडलीय एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। मंडलायुक्त ने अंत में कहा कि विकास कार्यों में शिथिलता बरतने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी तथा समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करना सभी विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है।
एक करोड़ लागत से अधिक की 193 निर्माणाधीन परियोजनाओं की मंडलायुक्त ने की समीक्षा
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