Regd. UDYAM-UP-31-0004031
प्रदेश के तेजी से उभरते हुए जनसंवाद समाचार न्यूज चैनल व न्यूज पोर्टल पर अपने व्यवसाय व शिक्षण संस्थान के तेजी से आगे बढ़ोत्तरी के लिए प्रचार प्रसार कराकर लाभ प्राप्त करने के लिए सम्पर्क करें। सम्पर्क सूत्र 9506980980

स्लीपर बस में भीषण आग लगने से 9 यात्रियों की मौत दिल्ली से 35 यात्रियों समेत महोबा जा रही थी बस



दिल्ली। ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर बुधवार देर रात एक यात्री बस में भीषण आग लगने से 9 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। इनमें 8 पुरुष और एक महिला यात्री बताई जा रही हैं। यह बस दिल्ली से महोबा जा रही थी। यह भीषण हादसा दयानतपुर गांव के पास हुआ। हादसे के समय बस में करीब 35 लोग सवार थे।

घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया
बताया जा रहा कि रात करीब 11 बजे गौतमबुद्ध नगर के जेवर टोल के पास शॉर्ट सर्किट के चलते बस में आग लग गई। यात्रियों के अनुसार बस के अंदर से जलने की बदबू आ रही थी, जब यात्रियों द्वारा ड्राइवर और कंडक्टर के धूम्रपान करने पर विरोध किया गया तब दोनों हंसने लगे। इसके थोड़ी देर बाद बस में आग लग गई। इसके बावजूद भी ड्राइवर बस नहीं रोक रहा था लेकिन जब यात्रियों ने शीशे तोड़ने शुरू किए तब ड्राइवर ने बस रोक दिया।

भीषण आग के चलते बस में अफरातफरी मच गई। हादसे के समय कुछ यात्री तो बस से निकलने में कामयाब हो गए। लेकिन कुछ यात्रियों की बस के अंदर जलने से मौत हो गई। यह बस राज कल्पना ट्रैवल्स की बताई जा रही है। घायलों को नजदीकी कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस बस में आग लगने के कारणों की जांच कर रही है।

आग लगने के बाद बस में धुँआ भर गया था। हादसे वाली बस का नंबर BR32 PA8647 है। बस में यात्रा कर रहे एक चश्मदीद ने बताया कि जब मैं सो गया था, तो किसी ने मुझे जगाकर बताया कि बस में आग लग गई है और हम सब बाहर निकलने के लिए हड़बड़ी में भागे। बस से निकलना आसान नहीं था। बहुत ज़्यादा धुआं भर गया था। घबराहट के बीच हम किसी तरह बाहर निकल पाए। बस यात्रियों से खचाखच भरी हुई थी। पुलिस ने बस ड्राइवर और कंडक्टर दोनों को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे पूछताछ  की जा रही है।

पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दुर्घटनाग्रस्त बस के 19 चालान हो चुके हैं और कुल 1 लाख 75 हजार 500 रुपए का जुर्माना भी लगाया जा चुका है। बस में यात्रियों को बैठाने के साथ साथ माल ले जाने के मामले में सबसे ज्यादा चालान हुआ है। यात्रियों को तत्काल वैकल्पिक वाहनों की व्यवस्था कर उनके गंतव्य स्थानों पर भेजा जा रहा है।