स्कूली बोलेरो ने बाइक सवार को रौंदा दूसरे की डायल यूपी 112 से टक्कर स्कूली बच्चों एवं सिपाही समेत 7 घायल
बालपुर गोंडा। कैथोला रोड पर तेज रफ्तार स्कूली बोलेरो ने बाइक सवार को रौंद दिया। इसमें एक बच्चे का हाथ पैर दोनों टूट गया दूसरा घायल हो गया। इसी के पास तेज रफ्तार स्कूली बोलेरो की डायल यूपी 112 स्कॉर्पियो से जोरदार टक्कर हो गई। इसमें 6 स्कूली बच्चों समेत डायल यूपी 112 का एक सिपाही भी घायल हो गया।
थाना कटरा बाजार क्षेत्र की ग्रामपंचायत खानपुर में शनिवार को मोटरसाइकिल से बाइक सवार दो बच्चों को लेकर घर जा रहा था। अशोक कुमार दर्जी डालपुरवा नकही के एक बेटे 28 वर्षीय शुभम का हाथ एवं पैर दोनों टूट गया। सेंट पाल प्राइवेट स्कूल की गाड़ी ने जोरदार टक्कर मार दिया। नेशनल पब्लिक स्कूल की गाड़ी बच्चों को छोड़ने जा रही थी इसी बीच डायल यूपी 112 की गाड़ी से जोरदार टक्कर हो गई। इसमें 12 में से 4 बच्चे घायल हो गए। इस दुर्घटना में डायल यूपी 112 का एक सिपाही भी घायल हो गया और उसने बालपुर कस्बे के एक निजी क्लीनिक में इलाज करवाया। आनन फानन में अन्य सभी घायल बच्चों को आसपास के लोगों ने अस्पताल पहुंचाया।
इसमें सर्वाधिक गौरतलब बात यह है कि क्षेत्र के सभी निजी स्कूलों में दर्जनों प्राइवेट बोलेरो समेत दर्जनों गाड़ियां स्कूली बच्चों को ढो रही है। इनमें से किसी गाड़ी का फिटनेस नहीं है और ज्यादातर चालकों के पास ड्राइविंग लाइसेंस तक नहीं है। निजी स्कूलों में बच्चों को ढो रही प्राइवेट गाड़ियां स्कूली बच्चों की जान जोखिम में डाल रही हैं। स्कूल प्रबंधन से मिलीभगत करके बच्चों को बैठाकर अनफिटं गड़ियां मौत को दावत देते हुए सड़कों पर सरपट दौड़ रही हैं। इन पर परिवहन विभाग एवं पुलिस भी कोई नकेल नहीं कस पा रहा है।
इस तरह से सभी प्राइवेट विद्यालयों के प्रबंधन द्वारा ज्यादा से ज्यादा धन कमाने की होड़ में स्कूली बच्चों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। भीषण गर्मी के बावजूद सभी गाड़ियों में स्कूली बच्चों को भेड़ बकरी की तरह ठूस कर भरा जा रहा है। अभिभावको का कहना है कि भीषण गर्मी में सभी निजी स्कूलों में प्रतिदिन 4 से 6 छात्र बेहोश हो रहे हैं। स्कूल प्रबन्धन अभिभावकों से मोटी फीस वसूलनेे के बावजूद छात्रो को भीषण गर्मी से बचाने को लेकर कोई उपाय नहीं करता है। इसके चलते छात्र आये दिन बीमार पड़ रहे हैं। स्कूल प्रबंधन का ज़्यादा जोर अभिभावकों से मोटी फीस वसूलने पर रहता है। बच्चों को सुविधा देने के नाम पर कोरे वादे करके केवल औपचारिकता ही निभाई जाती है।