खरगूपुर गोंडा। मशीन खुलने से पूर्व लगभग 96 कुंतल खाद्यान्न कालाबाजारी करने पर पूर्ति निरीक्षक ने कोटेदार के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराया है। तीन दिन पूर्व पूर्ति निरीक्षक ने कोटे की दुकान का निरीक्षण कर उपजिलाधिकारी के माध्यम से जिलाधिकारी को रिपोर्ट दी थी।
विकासखंड रुपईडीह के ग्राम पंचायत विशुनापुर के दिलीप कुमार ने 6 अक्तूबर को पूर्ति निरीक्षक को शिकायती-पत्र देकर आरोप लगाया कि उनके गांव के कोटेदार रामचरन के यहां 25 सितंबर को खाद्यान्न आया है, जिसके द्वारा मशीन खुलने से पहले ही सरकारी खाद्यान्न बेच दिया गया है। पूर्ति निरीक्षक रणधीर यादव ने बताया कि शिकायत पर कोटेदार के गोदाम में निरीक्षण करने पहुंचा तो कोटेदार रामचरन मौके से गायब थे। उनके बेटे राजमन ने गोदाम का निरीक्षण कराया, जिसमें पांच कुंतल 74 किलोग्राम गेंहू व 124 कुंतल 54 किलोग्राम चावल मौके पर होना चाहिए। लेकिन साढ़े तीन कुंतल गेहूं व 30 कुंतल चावल ही उपलब्ध मिला।
स्टॉक रजिस्टर तथा ई-पास मशीन से मिलान करने पर दो कुंतल गेहूं व 94.50 कुंतल चावल गायब था। कोटेदार के बेटे से पूछताछ करने पर उसने पूर्ति निरीक्षक को बताया कि उसका गोदाम यही है। इसके अलावा और कहीं भी खाद्यान्न नहीं रखा जाता है। कोटेदार के बारे में पूछताछ करने पर उसने बहस करने लगा, जिस पर उन्होंने एसडीएम को सूचना दी।जिसके बाद उपनिरीक्षक जनार्दन प्रसाद यादव हमराही के साथ पहुंच कर जांच में सहयोग किया। पूर्ति निरीक्षक ने बताया कि बचे हुए खाद्यान्न जिसमें साढ़े तीन कुंतल गेहूं व 30 कुंतल चावल को गांवहों के सामने इसी गांव के कोटेदार राम संवारे के सुपुर्द कर उनके गोदाम में रखवा दिया गया है।
सरकारी कोटे की दुकान को निलंबन की कार्यवाही के लिए एसडीएम सदर को पत्र दिया गया है। जिलाधिकारी के संस्तुति के बाद कोटेदार रामचरन के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत खरगूपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराया गया है।